मैं जिसकी मुस्कुराहटो पे जीता मरता था,
ये ज़िंदगी उसे हर रोज़ थोड़ा और रुलाती है…
शहर ज़ालिमों का है साहब, जरा संभल कर चलना,
सिर्फ़ इतना दर्द है कि टूटने वाला हम थे और वजह कोई और।”
मिले तो यूँ थे जैसे सदियों साथ निभाओगे..!!
हमने तो हर रोती हुई आँख को मुस्कुराना सिखाया है,
खाकर ठोकर ज़माने की, फिर लौट आए मैखाने में,
संवर गई तो जन्नत, नहीं तो सिर्फ तमाशा है
क्यों नहीं समझ पाई मेरी मोहब्बत के राज़।
क्या कहें जनाब… यहाँ ज़िन्दगी भी कफ़न ओढ़कर जीनी पड़ती है,
मुनाफा कम है लेकिन गुजारा हो ही जाता है…!
मगर वो ख्वाबों में Sad Shayari in Hindi आने से भी बाज़ नहीं आते।
हर शायरी आपके दर्द को समझती है, आपके भावों को आवाज़ देती है, और ज़िंदगी के उन लम्हों को बयां करती है, जिन्हें आप किसी से कह नहीं पाते।
तेरे दिल में तो पहले ही कोई जगह नहीं होगी।